वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
संत कबीर नगर। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय दस्तकारों एवं पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) टूलकिट प्रशिक्षण योजना संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों के आजीविका साधनों को सुदृढ़ बनाकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
उन्होंने बताया कि जनपद के परंपरागत कारीगरों, विशेष रूप से पीतल के बर्तन एवं होजरी उत्पाद से जुड़े लोगों को उनके उद्यम के आधार पर कौशल विकास के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से कारीगरों को आधुनिक तकनीकों और व्यवसायिक दक्षताओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
योजना का लाभ प्राप्त करने के इच्छुक अभ्यर्थी msme.up.gov.in� पर जाकर एक जनपद एक उत्पाद टूलकिट प्रशिक्षण योजना का चयन करते हुए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि पहले 31 मई 2026 निर्धारित की गई थी, लेकिन अपेक्षित संख्या में आवेदन प्राप्त न होने के कारण इसे बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दिया गया है। उन्होंने जनपद के पात्र कारीगरों एवं दस्तकारों से समय रहते आवेदन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

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