वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
लखनऊ। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उत्तरी क्षेत्र, अलीगंज में गुरुवार को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) कार्यालय-2, लखनऊ की वर्ष 2026 की प्रथम छमाही बैठक एवं राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अपर महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष तथा नराकास अध्यक्ष राजिन्दर कुमार ने की। मुख्य अतिथि के रूप में राजभाषा विभाग, भारत सरकार के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी उपस्थित रहे।
बैठक में सदस्य सचिव एवं निदेशक (राजभाषा) ओम प्रकाश सहित विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों के विभागाध्यक्षों, राजभाषा अधिकारियों तथा हिंदी अधिकारियों ने भाग लिया। प्रारंभ में पिछली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई तथा उस पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की गई। इसके बाद राजभाषा नीति और वार्षिक कार्यक्रम 2026-27 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई।
समीक्षा के दौरान धारा 3(3) के अनुपालन, हिंदी पत्राचार, फाइलों पर हिंदी टिप्पणियां, हिंदी कार्यशालाओं, राजभाषा समितियों की बैठकों, हिंदी प्रशिक्षण, टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण, राजभाषा नियम-11 के अनुपालन तथा हिंदी पुस्तकों की खरीद सहित विभिन्न बिंदुओं पर सदस्य कार्यालयों की प्रगति रिपोर्टों का परीक्षण किया गया।
बैठक के दौरान केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, लखनऊ द्वारा प्रकाशित राजभाषा पत्रिका ‘आयुषवाणी’ के प्रथम अंक का विमोचन भी किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने इसे हिंदी के प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
इसके साथ आयोजित राजभाषा कार्यशाला में इंडियन बैंक के मुख्य प्रबंधक (राजभाषा) एवं नराकास सचिव डॉ. अंजनी कुमार पाण्डेय ने संसदीय राजभाषा समिति की प्रश्नावली एवं निरीक्षण संबंधी तैयारियों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने अभिलेखों के संधारण, आंकड़ों के संकलन तथा राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन में नराकास की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। अध्यक्ष राजिन्दर कुमार ने सदस्य कार्यालयों से कार्यालयी कार्यों में हिंदी के प्रयोग को और बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन अखिलेश सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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