बस्ती। खरीफ सीजन से पहले किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सिंचाई बन्धु समिति की बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 17 जून से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा और इस बार नहरों के अंतिम छोर (टेल) तक पानी पहुंचाने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है।
समिति के उपाध्यक्ष गजेन्द्र मणि त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नहरों की सिल्ट सफाई, अवैध कटान की रोकथाम और जल वितरण की व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि जिले के 661 सरकारी नलकूप लगातार संचालित हैं, जबकि 56 तालाबों और 94 पोखरों में भी पानी भरवाया गया है। इससे सिंचाई व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। वहीं गन्ना किसानों को अब तक 42.66 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है तथा जुलाई तक करीब 10 करोड़ रुपये और भुगतान किए जाने की संभावना है।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने कई क्षेत्रों में नहरों में पानी न पहुंचने और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता की मांग भी उठाई। जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उद्यान विभाग ने भी किसानों के लिए अच्छी खबर दी। विभाग के अनुसार आम, केला और पपीता की बागवानी के लिए 2384 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा 20 जून से आम के पौधों के रोपण की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। इससे किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी से अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा।

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