बस्ती। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना जनपद बस्ती के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के अंतर्गत उथले नलकूप कार्यक्रम के माध्यम से लघु एवं सीमांत किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
योजना के तहत किसानों को अधिकतम 30 मीटर गहराई तक 110 मिमी (4 इंच) व्यास की बोरिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इससे ऐसे किसानों को विशेष लाभ मिला है, जो अब तक वर्षा आधारित खेती पर निर्भर थे। नलकूपों की सुविधा मिलने से किसान समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं, जिससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद बस्ती को 5,850 उथले नलकूपों की स्थापना का लक्ष्य दिया गया था। जनपद ने इस लक्ष्य को पार करते हुए कुल 7,786 उथले नलकूप स्थापित किए, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 133 प्रतिशत है। यह उपलब्धि प्रशासन, लघु सिंचाई विभाग और किसानों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई 13.40 करोड़ रुपये की धनराशि का पूर्ण उपयोग किया गया। इससे बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई सुविधाओं से जोड़ा गया और खेती के लिए आवश्यक जल उपलब्धता सुनिश्चित की गई। सिंचाई संसाधनों के विस्तार से किसानों को फसल चक्र अपनाने, अधिक क्षेत्र में खेती करने तथा रबी और जायद फसलों का उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिली है।
किसानों का कहना है कि पहले सिंचाई के लिए उन्हें निजी साधनों पर अधिक खर्च करना पड़ता था और मौसम पर निर्भर रहना पड़ता था। अब नलकूप की सुविधा मिलने से उनकी लागत कम हुई है और पैदावार बढ़ने से आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना बस्ती में कृषि क्षेत्र को नई मजबूती प्रदान कर रही है। यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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