गोरखपुर। जनपद में बाल संरक्षण एवं गुमशुदा बच्चों की शीघ्र बरामदगी को लेकर SJPU एवं AHT की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक पुलिस अधीक्षक अपराध की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में बाल कल्याण से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण, प्रभावी विवेचना तथा विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में गुमशुदा बालकों की खोज में तेजी लाने, पॉक्सो एक्ट एवं जेजे एक्ट के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा मानव तस्करी, बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति की रोकथाम जैसे गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मा. उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन क्रिमिनल अपील नं. 1927/2025 (SLP(CRL) No. 4658/2025) पिंकी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य के संदर्भ में गृह सचिव (पुलिस) उ.प्र. शासन की अध्यक्षता में 28.04.2026 को सम्पन्न बैठक के अनुपालन में जारी दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा कर आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
बैठक में बाल कल्याण अधिकारियों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने, अंतर-विभागीय समन्वय बढ़ाने तथा संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल, बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. जय प्रकाश, समाजसेवी डॉ. मुमताज खां, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. राजेश कुमार, एसएसबी से निरीक्षक सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी/सदस्य, समस्त थानों के बाल कल्याण अधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक कमलेश कुमार (थाना AHT) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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