बस्ती। जनपद के गौआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, गोवंश संरक्षण एवं शासन की गौसेवा योजनाओं की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना ने की। उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने सभी नामित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक सप्ताह गौआश्रय स्थलों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का सतत अनुश्रवण करें। निरीक्षण के दौरान मिलने वाली कमियों को तत्काल दूर कराया जाए। उन्होंने कहा कि गोवंशों के लिए पर्याप्त भूसा, हरा चारा और स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने बीमार एवं घायल गोवंशों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने, संक्रमित पशुओं को अलग रखने तथा उन्हें उसी स्थान पर चारा, पानी एवं उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मृत पशुओं का सम्मानपूर्वक निस्तारण कराने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि गौआश्रय स्थलों में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए ताकि पशुओं को बीमारियों से बचाया जा सके। गर्मी एवं बरसात के मौसम को देखते हुए गोवंशों के लिए पर्याप्त छाया, सुरक्षित स्थान और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही नर एवं मादा गोवंशों को अलग-अलग रखने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने डीएफओ को गौआश्रय स्थलों पर छायादार पौधों का पौधरोपण कराने के निर्देश दिए। सभी आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील रखने, पशुओं का समय से टीकाकरण कराने तथा आवश्यक रजिस्टर अद्यतन रखने को कहा गया। इसके अलावा नैपियर घास की बुआई के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल, डीएफओ डा. शिरीन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं नोडल अधिकारी उपस्थित

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