गोरखपुर। दवा विक्रेता समिति (रजि.) गोरखपुर के आह्वान पर मंगलवार को जिले की दवा दुकानों को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के तहत बंद रखा गया। समिति ने अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री, बिना वैध ई-प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की होम डिलीवरी तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट के खिलाफ विरोध जताया।
समिति पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री एवं जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की अनियंत्रित बिक्री जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। उनका आरोप है कि बिना डॉक्टर की वैध सलाह के दवाओं की बिक्री और होम डिलीवरी से मरीजों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है तथा छोटे दवा व्यापारियों का अस्तित्व संकट में पड़ गया है।
ज्ञापन में मांग की गई कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए, बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन दवा वितरण पर रोक लगे तथा GSR 817(E) एवं GSR 220(E) अधिसूचनाओं को वापस लिया जाए।
समिति के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ दूबे और महामंत्री आलोक चौरसिया ने कहा कि केमिस्ट एवं दवा विक्रेता हमेशा स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की मजबूत कड़ी रहे हैं और कोविड काल में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने सरकार से जनहित और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

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