वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। बहुजन मुक्ति पार्टी (बीएमपी) द्वारा केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत ज्ञापन सौंपा गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की कीमतों तथा निजीकरण के खिलाफ आवाज उठाते हुए विभिन्न मांगें रखीं।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता आर्थिक संकट से गुजर रही है। स्मार्ट मीटर व्यवस्था को जनविरोधी बताते हुए पार्टी ने आरोप लगाया कि इससे बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है तथा गरीब और मध्यम वर्ग प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिलों में अनियमित बढ़ोतरी हो रही है और इससे लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली, पेट्रोलियम और गैस क्षेत्रों में निजीकरण को बढ़ावा देकर आम जनता पर अतिरिक्त भार डाला जा रहा है।
बहुजन मुक्ति पार्टी ने मांग की कि स्मार्ट मीटर के स्थान पर पारंपरिक मीटर लगाए जाएं, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की जाए तथा घरेलू गैस सिलेंडर सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाए। पार्टी ने यह भी मांग उठाई कि निजीकरण की नीतियों पर रोक लगाई जाए और आम जनता को राहत देने वाली योजनाएं लागू की जाएं।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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