बस्ती। जनपद में टीबी से होने वाली मृत्यु दर को कम करने तथा नए लोगों को संक्रमण से बचाने के उद्देश्य से 24 मार्च 2026 से 100 दिवसीय टीबी अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत हाईरिस्क गांवों को चिन्हित कर आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से जांच कर छिपे हुए क्षय रोगियों की पहचान कर इलाज से जोड़ा जा रहा है।
इसी क्रम में बुधवार को कप्तानगंज ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पिलखांव में आयोजित आयुष्मान आरोग्य शिविर का शुभारम्भ विधायक कप्तानगंज श्री कवीन्द्र चौधरी ने फीता काटकर किया। विधायक ने अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए शिविर में की जा रही एक्स-रे, एचआईवी, हीमोग्लोबीन, मधुमेह, ब्लड प्रेशर तथा बीएमआई जांच की जानकारी ली और अभियान की सराहना की।
मुख्य चिकित्साधिकारी बस्ती की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सिद्धार्थनगर के समाजसेवी श्री देवेश मणि त्रिपाठी ने जनपद के 600 क्षय रोगियों को गोद लिया। इनमें से 100 मरीजों को एएनएम ट्रेनिंग सेंटर बस्ती में पोषण पोटली वितरित की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में राज्य स्तरीय टीम से आए अधिकारी रजनीकांत पाण्डेय एवं रीतू पाटिल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अभियान के तहत 12 मई 2026 तक जनपद में 24,050 लोगों का एक्स-रे कर अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई हैं। हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन दो से पांच मिनट के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध करा देती है, जिससे मरीज का एक्स-रे सामान्य है या असामान्य, इसकी तुरंत जानकारी मिल जाती है।
जनपद में अब तक 7,995 लोगों के सैंपल लेकर ट्रूनाॅट जांच कराई गई है। सरकारी एवं निजी क्षेत्र में कुल 1,039 टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा गया है। मरीजों के परिवार के सदस्यों की भी स्क्रीनिंग की जा रही है तथा जरूरत पड़ने पर टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
जनपद में कुल 18 ट्रूनाॅट मशीन एवं तीन सीबीनाॅट मशीन उपलब्ध हैं। प्रत्येक ब्लॉक में नाॅट जांच की सुविधा उपलब्ध होने से ड्रग सेंसिटिव एवं ड्रग रजिस्टेंट टीबी की पहचान तेजी से हो रही है और मरीजों की निगरानी के साथ उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

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