बस्ती। गौर विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत बैदोलिया में भ्रष्टाचार और अनियमितता की शिकायत करने वालों को जांच रिपोर्ट के बाद झटका लगा है। अधिकारियों की जांच में लगाए गए आरोप निराधार पाए गए, जिसके बाद ग्राम प्रधान को क्लीन चिट देते हुए ग्राम पंचायत की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियां बहाल कर दी गई हैं। वहीं ग्राम प्रधान की ओर से झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
जानकारी के अनुसार बैदोलिया गांव के एक व्यक्ति ने ग्राम पंचायत में सरकारी कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के आधार पर सक्षम अधिकारियों ने ग्राम पंचायत की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियों को सीज कर दिया था। इसके बाद ग्राम प्रधान की ओर से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच टीम गठित कर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने गांव पहुंचकर आरोपों की जांच की और स्थलीय सत्यापन किया।
जांच के दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रूद्रनाथ पाण्डेय ने बताया कि ग्राम प्रधान पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं तथा जिन कार्यों का भुगतान हुआ है, वे सभी कार्य धरातल पर कराए गए हैं। ग्रामीणों के बयान और शपथ पत्र के आधार पर जांच टीम ने ग्राम प्रधान को निर्दोष मानते हुए अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी।
रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियां पुनः बहाल कर दी हैं। वहीं ग्राम प्रधान ने झूठी शिकायत कर छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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