बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के सिद्धनाथ गांव में दलित बालिका सृष्टि उर्फ परी के साथ दुराचार और हत्या के मामले में एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा घटना का खुलासा न किये जाने पर पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच की मांग तेज कर दी है। पीड़िता की मां अंजनी देवी ने अनुसूचित जाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
पीड़िता की मां अंजनी देवी पत्नी राजू ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उनकी पांच वर्षीय पुत्री सृष्टि उर्फ परी गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा-1 की छात्रा थी। 18 मई 2025 को वह घर से अपनी दादी को बुलाने निकली थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा खोजबीन किये जाने के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो डायल 112 पर सूचना दी गई। देर शाम पुलिस गांव पहुंची और खोजबीन शुरू की।
परिजनों के अनुसार घर से करीब 200 मीटर दूर एक बाग में बालिका का शव बरामद हुआ। आरोप है कि पुलिस और ग्राम प्रधान ने शव परिजनों को नहीं दिखाया तथा अपने कब्जे में लेकर जिला अस्पताल ले गये। अगले दिन पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
मां ने आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के चलते उनकी पुत्री के साथ दुराचार कर हत्या की गई। उन्होंने गांव के कुछ लोगों पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना स्थल से एक पर्स भी बरामद हुआ था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पुलिस मामले में लीपापोती कर रही है और दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अंजनी देवी ने बताया कि उनके पति राजू की दोनों किडनी खराब हैं और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि आरोपियों की ओर से किसी भी समय अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है।
उधर, भीम युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनू राव और प्रदेश अध्यक्ष अजय राव उर्फ प्रमोद ने भी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कहा कि दलित बालिका के साथ हुई इस जघन्य घटना में पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए।

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