गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग, गोरखपुर में ग्रीष्मावकाश से पूर्व भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक मधुर एवं सुरमयी प्रस्तुति का आयोजन किया गया। “हमारी संस्कृति, हमारी पहचान — स्वरों की साधना, संस्कृति की आराधना” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में मुख्य कलाकार के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर उषा सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट सितार वादन से समूचे वातावरण को संगीतमय बना दिया।
संगीत सभा में प्रो. उषा सिंह का साथ तबले पर निखिल रंजन, हारमोनियम पर राजन भारती तथा सितार पर अभिषेक श्रीवास्तव ने दिया। कलाकारों की जुगलबंदी ने उपस्थित श्रोताओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने अतिथियों का परिचय एवं सम्मान किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति और संगीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी कलाकारों का स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के मंत्री डॉ. शैलेश कुमार सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन श्री शिवम दुबे ने किया। अंत में उप प्रधानाचार्य श्री राम केवल शर्मा के नेतृत्व में सामूहिक शांति मंत्र के पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर डॉ. गौरी शंकर, ललित कला एवं संगीत विभाग गोरखपुर विश्वविद्यालय सहित विद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

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