बस्ती। युवा भारती संगठन के अध्यक्ष और भारतीय खाद्य निगम भारत सरकार के पूर्व सदस्य राज्य सलाहकार समिति डॉ. लवकुश पटेल ने मुख्य चिकित्साधीक्षक बस्ती को पत्र देकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया में तैनात चिकित्सक डॉ. नंदलाल यादव की घोर लापरवाही एवं अमानवीय व्यवहार को लेकर कड़ी कार्रवाई और निलम्बन की मांग किया है।
मुख्य चिकित्साधीक्षक बस्ती को दिये पत्र में डॉ. लवकुश पटेल ने कहा है कि गत 22 मई 2026 को एक मृतक को अस्पताल लाए जाने के उपरांत संबंधित चिकित्सक द्वारा मृत घोषित करने के बाद अपने कर्तव्यों से विमुख होकर ड्यूटी के दौरान ही मुख्य गेट के बगल स्थित जनता मेडिकल स्टोर पर बैठकर कार्य करने लगे। यह अत्यंत आपत्तिजनक एवं निंदनीय है। यह न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों के अधिकारों के साथ खुला खिलवाड़ भी है। मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।युवा भारती के अध्यक्ष डॉ. लवकुश पटेल ने कहा है कि वे मौके पर पहुंचे और जब संबंधित चिकित्सक को उनके कर्तव्य स्थल पर उपस्थित होने हेतु कहा गया, तो उनके द्वारा अभद्र एवं अपमानजनक व्यवहार किया गया, जो यह दर्शाता है कि ऐसे लापरवाह कर्मियों को प्रशासनिक भय का कोई अंदाजा नहीं रह गया है।
यह भी संज्ञान में आया है कि उक्त चिकित्सक का जनता मेडिकल स्टोर पर बैठना संभावित रूप से अवैध सांठगांठ एवं कमीशनखोरी का संकेत है, जिससे गरीब मरीजों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
युवा भारती संगठन ने मांग किया है कि संबंधित चिकित्सक डॉ. नंदलाल यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ ही प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। संगठन ने यह भी कहा है कि यदि तीन के भीतर इस प्रकरण में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इस मामले को उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के समक्ष उठाया जाएगा तथा इसे प्रदेशव्यापी जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल है। यदि सरकारी चिकित्सक निजी मेडिकल स्टोर पर बैठकर कार्य करेंगे, तो यह व्यवस्था किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी।
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