515 किसानों को 2024-25 व 556 किसानों को 2025-26 में मिला लाभ
केला, शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा व जरेवरा की खेती से किसानों की आय में हुआ इजाफा
वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। जनपद में एकीकृत बागवानी विकास मिशन किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए अब किसान फल, सब्जी एवं मसाला फसलों की उन्नत खेती की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। शासन की योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और अनुदान सहायता के चलते किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
उद्यान विभाग द्वारा संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 515 कृषक बंधुओं तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 556 किसानों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। मिशन के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज, सिंचाई सुविधा, मल्चिंग, पॉलीहाउस, ड्रिप इरिगेशन तथा आधुनिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
जनपद के विकास खंड विक्रमजोत के ग्राम बरौली निवासी श्रीमती आशा देवी ने मिशन के अंतर्गत केला की उन्नत खेती अपनाई। पहले जहां वह पारंपरिक खेती से सीमित आय प्राप्त करती थीं, वहीं अब केला उत्पादन से उनकी आमदनी में कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक एवं विभागीय मार्गदर्शन से उत्पादन लागत कम हुई और बाजार में अच्छी कीमत मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
इसी प्रकार कप्तानगंज विकास खंड के ग्राम दुबौली निवासी विजय शंकर वर्मा ने जरेवरा की खेती को अपनाकर सफलता हासिल की है। सुगंधित एवं औषधीय गुणों वाली इस फसल की मांग बाजार में लगातार बढ़ रही है। विजय शंकर वर्मा के अनुसार पहले पारंपरिक खेती में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन जरेवरा की खेती से अब बेहतर आमदनी हो रही है।
ग्राम कसैली निवासी विजय प्रकाश शुक्ला ने शिमला मिर्च और टमाटर की उन्नत खेती कर अपनी पहचान बनाई है। पॉलीहाउस तकनीक और ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने से उत्पादन में वृद्धि हुई है तथा फसलों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। उन्होंने बताया कि संरक्षित खेती से मौसम का प्रभाव कम पड़ता है और बाजार में फसल की अच्छी कीमत प्राप्त होती है।
वहीं हर्रैया क्षेत्र के कई किसानों ने खीरा एवं टमाटर की खेती से उल्लेखनीय लाभ अर्जित किया है। किसानों का कहना है कि उद्यान विभाग द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण एवं तकनीकी सलाह दिए जाने से उन्हें नई खेती पद्धतियों को अपनाने में आसानी हुई है। आधुनिक बागवानी तकनीकों के कारण कम भूमि में भी अधिक उत्पादन संभव हो पा रहा है।
जनपद में बागवानी फसलों के बढ़ते रकबे से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। खेतों में अब नकदी फसलों का विस्तार हो रहा है, जिससे किसानों की आय के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। महिला कृषक भी इस मिशन से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार मिशन का उद्देश्य किसानों को परंपरागत खेती से निकालकर लाभकारी एवं बाजार आधारित खेती से जोड़ना है। विभाग किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा विपणन संबंधी सहायता उपलब्ध करा रहा है, जिससे बस्ती जनपद बागवानी उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन की सफलता यह साबित कर रही है कि यदि किसानों को सही मार्गदर्शन, तकनीक और सरकारी सहयोग मिले तो खेती लाभ का मजबूत माध्यम बन सकती है। आने वाले समय में बस्ती के और अधिक किसान आधुनिक बागवानी को अपनाकर आर्थिक समृद्धि की नई कहानी लिखेंगे।

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