बस्ती। जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना ने गुरुवार को आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शिक्षा, पोषण और स्वच्छता व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान बच्चों की पढ़ाई और पोषण व्यवस्था को लेकर कई सकारात्मक पहल सामने आईं, वहीं लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी भी दी गई।
बनकटी परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्र देवमी में बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा गतिविधियों में सक्रिय पाया गया। जिलाधिकारी ने बच्चों के पोषण स्तर की जानकारी ली तथा एक बच्ची का वृद्धि मापन कर पोषण कैलकुलेटर से जांच कराई, जिसमें बच्ची सामान्य श्रेणी में पाई गई। बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग और पोषण ट्रैकर के उपयोग को लेकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय मुख्य सेविका द्वारा अनुश्रवण संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से प्रस्तुत न कर पाने पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई के निर्देश दिए और केंद्र संचालन में सुधार लाने को कहा।
डारीडीहा और भुवरनिरंजनपुर आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को आधुनिक माध्यमों से शिक्षा दिए जाने तथा पोषण ट्रैकिंग की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। एलईडी और डिजिटल सामग्री के माध्यम से बच्चों को कहानी, कविता और कार्टून के जरिए पढ़ाने की पहल को सराहनीय बताया गया।
प्राथमिक विद्यालय भुवरनिरंजनपुर में बच्चों का शैक्षणिक स्तर बेहतर मिलने पर जिलाधिकारी ने शिक्षिकाओं के कार्य की प्रशंसा की। विद्यालय में स्थापित आधुनिक लाइब्रेरी को बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया।
वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में साफ-सफाई व्यवस्था खराब मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा और स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा शिक्षण गुणवत्ता सुधारने के लिए आधुनिक पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है।

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