वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। एनपीएस दिवस के अवसर पर कर्मचारियों ने काला दिवस के रूप में विरोध दर्ज कराया और “एनपीएस गो बैक” तथा “पुरानी पेंशन बहाल हो” के जोरदार नारे लगाए। अपरान्ह डिप्लोमा इंजीनियरिंग संघ भवन, लोक निर्माण विभाग में आयोजित विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने किया।कर्मचारियों को संबोधित करते हुए रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 1 अप्रैल का दिन कर्मचारी इतिहास में काला दिवस के रूप में दर्ज है, क्योंकि वर्ष 2005 में कर्मचारियों से पेंशन का अधिकार समाप्त कर जबरन एनपीएस लागू कर दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार या तो पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करे या फिर जनप्रतिनिधियों और न्यायपालिका को मिलने वाली पेंशन भी समाप्त कर उन्हें एनपीएस के दायरे में लाया जाए, ताकि वे इसकी वास्तविकता को समझ सकें। अन्यथा इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि यदि सरकार “एक देश, एक संविधान” के सिद्धांत पर चलने का दावा करती है, तो “वन नेशन, वन पेंशन” की व्यवस्था भी लागू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को यूपीएस और एनपीएस के भ्रम में न रखा जाए, क्योंकि केवल पुरानी पेंशन ही उनके बुढ़ापे की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों की पेंशन शपथ लेते ही सुनिश्चित हो जाती है, जबकि कर्मचारी पूरी सेवा देने के बाद भी असुरक्षित बना रहता है।
विरोध प्रदर्शन को पंडित श्याम नारायण शुक्ल, अशोक पांडेय सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में रूपेश कुमार श्रीवास्तव, ई. श्रीनाथ गोविंद, मदन मुरारी शुक्ल, अशोक पांडेय, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, अनिल द्विवेदी, अनूप कुमार, राजेश मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, बंटी श्रीवास्तव, इजहार अली, महंगु प्रसाद मौर्य, निसार अहमद, बिट्टू मद्धेशिया सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

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