वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। ओम प्रकाश आर्य, प्रधान आर्य समाज नई बाजार बस्ती के निर्देशन में आर्य समाज नई बाजार, बस्ती में आयोजित साप्ताहिक सत्संग के अंतर्गत रविवार को आचार्य रूपेंद्र आर्य के ब्रह्मत्व में वैदिक रीति से यज्ञ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यज्ञ में आहुति प्रदान की और आध्यात्मिक वातावरण का लाभ उठाया।
कार्यक्रम के दौरान आचार्य रूपेंद्र आर्य, प्रशिक्षक आर्य वीर दल उत्तर प्रदेश ने “भगवान और ईश्वर” विषय पर वैदिक प्रमाणों के आधार पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वेदों में ईश्वर को निराकार, सृष्टिकर्ता, सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान और न्यायकारी बताया गया है। ईश्वर किसी विशेष रूप, स्थान या व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह संपूर्ण सृष्टि का कर्ता, धर्ता और संहारकर्ता है।
उन्होंने कहा कि ‘भगवान’ शब्द ईश्वर के गुणों के आधार पर प्रयोग किया जाता है, जैसे—ज्ञान, शक्ति, बल, ऐश्वर्य, वीर्य और तेज। इन दिव्य गुणों का उपयोग जो व्यक्ति जीवमात्र की सेवा और सुरक्षा के लिए करता है, वही सच्चे अर्थों में ‘भगवान’ कहलाने योग्य होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वेदों के अनुसार ईश्वर एक है और उसी की उपासना करना मनुष्य का परम कर्तव्य है।
योगाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय ने उपस्थित लोगों को अंधविश्वासों से दूर रहकर वेदों के ज्ञान को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यज्ञ, स्वाध्याय और सत्संग के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को शुद्ध और उन्नत बना सकता है।
इस अवसर पर वेद कुमार आर्य, संरक्षक आर्य वीर दल बस्ती ने स्पष्ट वेदमंत्र उच्चारण करने वाले बच्चों को पेन और बैग देकर सम्मानित किया। सम्मान पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।
कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए आगामी सत्संग में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की। इस दौरान कार्तिकेय, कृष्णा, तनु शर्मा, ऋषि कुमार, वंश मोदनवाल, राजेश्वरी, रिमझिम, पुनीत, राधा, नितीश, उपेन्द्र, विश्वनाथ, धर्मेंद्र कुमार, गणेश आर्य, श्रद्धा, शुभम, अरविंद साहू, शिव श्याम सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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