वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। रेलवे प्रशासन यात्रियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में ट्रेनों में यात्रा के दौरान साफ-सफाई सुनिश्चित करने हेतु क्लीन ट्रेन स्टेशन (सी.टी.एस.) और ऑन बोर्ड हाउस कीपिंग सर्विस (ओ.बी.एच.एस.) के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
क्लीन ट्रेन स्टेशन योजना के अंतर्गत नामित स्टेशनों पर ट्रेन के पहुंचते ही टॉयलेट की सफाई मशीनीकृत तकनीक (जेट वैक्यूम बफिंग) से की जाती है। इसके साथ ही कोच की खिड़कियों के शीशे भी आधुनिक उपकरणों से साफ किए जाते हैं। विशेष रूप से टॉयलेट की सफाई और उसे कीटाणुमुक्त रखने पर जोर दिया जाता है। पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत गोरखपुर, ऐशबाग और छपरा स्टेशन को क्लीन ट्रेन स्टेशन के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां प्रतिदिन कुल 81 ट्रेनों की साफ-सफाई की जाती है। इसमें गोरखपुर स्टेशन पर 42, ऐशबाग पर 15 और छपरा स्टेशन पर 24 ट्रेनों की सफाई शामिल है।
इसके अलावा ट्रेनों में यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए ऑन बोर्ड हाउस कीपिंग सर्विस की व्यवस्था भी लागू की गई है। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल की 46, इज्जतनगर मंडल की 38 तथा लखनऊ मंडल की 94 ट्रेनों सहित कुल 178 ट्रेनों में यह सुविधा उपलब्ध है। ओबीएचएस स्टाफ अपने साथ वाइपर, कपड़ा, डस्टर, डिस्पोजल बैग, कमोड ब्रश और आवश्यक केमिकल लेकर चलते हैं, जिससे यात्रियों की जरूरत के अनुसार समय-समय पर कोचों की सफाई की जाती है।
रेलवे प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों को साफ-सुथरा और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करना है, जिसके लिए इन व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है।
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