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Saturday, April 18, 2026

गुमशुदा नाबालिक बालिका का बिना मेडकल कराये माँ को सौपा,सीडब्लूसी ने एसओ दुबौलिया को किया तलब


बस्ती। जनपद में बाल अधिनियम का उल्लंघन जारी है, दुबौलिया थाना पुलिस ने एक नाबालिक बालिका को गायब होने के दो दिन बाद बरामद तो कर लिया, लेकिन उसका ना तो मेडिकल परीक्षण कराया गया, और ना ही उसकी काउंसलिंग की गयी और बिना सीडब्लूसी के सामने प्रस्तुत किये उसे उसकी माँ को सौंप दिया गया, प्रकरण की जानकारी होने के बाद सी डब्लू सी संज्ञान लेते हुए, एसओ दुबौलिया को तत्काल बालिका को प्रस्तुत कर कार्यवाही पूर्ण कराने के साथ ही अब तक कार्यवाही नही करने के संबंध में स्पष्टीकरण माँगा है।

बताते चले की छावनी थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी व्यक्ति की नाबालिक बेटी दुबौलिया थाना क्षेत्र के एक ग्राम स्थित अपने ननिहाल में रह रही थी, वही से वह गायब हो गयी थी, बेटी के गुमशुदा होने की जानकारी मिलने के बाद उसकी माँ के द्वारा मुकामी थाना पर गुमशुदगी दर्ज करायी गयी थी, गुमशुदा बालिका दो दिन बाद अपने घर वापिस आ गयी, पुत्री के घर वापिस आने के बाद उसकी माँ ने इसकी जानकारी दुबौलिया पुलिस को, पुलिस ने बालिका और उसकी माँ को थाने पर बुलाकर उसका बयान दर्ज किया और उसे घर भेज दिया, उसके सुपुर्दगी की कार्यवाही नही करायी गयी, और ना ही बालिका के माँ की बात सुनी गयी, उसने जब आरोपी के बारे में बता कर मेडिकल करवा कर आगे के कार्यवाही करने की बात कही तो उसे दुबौलिया पुलिस ने यह कह कर टरका दिया की आगे की कार्यवाही के लिए उसे छावनी थाने पर जाना पड़ेगा। प्रकरण की जानकारी होने के बाद न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, डॉ संतोष श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी ने इसे बाल अधिनियम 2015 का उल्लंघन एवं बालिका के सर्वोच्च हित के साथ खिलवाड़ मानते हुए, दुबोलिया थानाध्यक्ष को तत्काल कार्यवाही संपादित करवाने के साथ ही, लापरवाही के बावत स्पष्टिकरण भी माँगा है, इस सम्बन्ध में सी डब्लू सी के चेयर पर्शन प्रेरक मिश्रा ने कहा की बरामद नाबालिक को बिना मेडिकल परीक्षण कराये,और सी डब्लू सी के समक्ष प्रस्तुत किये माँ को सौंप दिया जाना गलत है,इससे बालिका का सर्वोच्च हित प्रभावित हुआ है ,स्पष्टीकरण आने के बाद विधिक कार्यवाही करने के साथ ही प्रकरण को बाल आयोग को संदर्भित कर दिया जायेगा।

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