वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में 21 अप्रैल को प्रस्तावित देशव्यापी धरना-प्रदर्शन को लेकर कलेक्ट्रेट स्थित पेंशनर्स कक्ष में तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय ने कहा कि 21 अप्रैल का धरना निर्णायक होगा और इससे पेंशनर्स का भविष्य तय होगा।
उन्होंने कहा कि सभी पेंशनर्स को एकजुट होकर सरकार की पेंशनर विरोधी नीतियों का विरोध दर्ज कराते हुए अपने हितों के लिए आवाज बुलंद करनी होगी। सेवानिवृत्त कर्मचारी, शिक्षक एवं पेंशनर्स एसोसिएशन पूरी तरह से इस धरना-प्रदर्शन को निर्णायक बनाने के लिए तैयार है। जिलाध्यक्ष ने आठवें वेतन आयोग में पेंशनर्स को शामिल न किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे सरकार की बड़ी भूल करार दिया।
बैठक का संचालन जिला मंत्री उदय प्रताप पाल ने किया। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को देश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारियों के माध्यम से भेजा जाएगा।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग में शामिल करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, पेंशनरों की सरलीकरण कटौती 15वें वर्ष के बजाय 10वें वर्ष में समाप्त करने, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में 50 प्रतिशत छूट देने तथा कोरोना काल में फ्रीज डीए-डीआर का भुगतान सुनिश्चित कराने की मांगें शामिल हैं।
बैठक में वक्ताओं ने 21 अप्रैल के धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की। इस अवसर पर नरेन्द्रदेव मिश्र, चन्द्रप्रकाश पाण्डेय, सुरेन्द्रनाथ उपाध्याय, श्रीगोपाल तिवारी, अश्वनी कुमार शुक्ल, ओमप्रकाश मिश्र, छोटेलाल यादव, रामजियावन, अशोक कुमार मिश्र, सुरेश धर दूबे, रामलखन मौर्य, रामकुमार लाल, राधेश्याम तिवारी, जंगबहादुर, श्यामधर सोनी, श्रीराम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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