बस्ती। शहर स्थित किसान प्रशिक्षण महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिवहर्ष किसान पीजी कॉलेज के सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन गुरुवार को विश्व ग्लूकोमा दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों नेताजी सुभाष चंद्र बोस और रानी लक्ष्मीबाई इकाई तथा मां गायत्री फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों एवं प्राध्यापकों को ग्लूकोमा (आंखों की गंभीर बीमारी) के कारण, लक्षण और उससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर आहार एवं पोषण विशेषज्ञ नीरज पाण्डेय ने बताया कि ग्लूकोमा आंखों की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें आंख के अंदर दबाव बढ़ने से दृष्टि तंत्रिका (ऑप्टिक नर्व) को नुकसान पहुंचता है। यदि समय पर इसकी पहचान और उपचार न किया जाए तो यह स्थायी अंधेपन का कारण बन सकता है। उन्होंने 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को समय-समय पर आंखों की जांच कराने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को आंखों में दर्द, धुंधला दिखाई देना, सिरदर्द या रोशनी के चारों ओर घेरे दिखाई दें तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। साथ ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने तथा विटामिन ए, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पौष्टिक आहार लेने की भी सलाह दी गई। डॉक्टर की सलाह के बिना आंखों में किसी भी प्रकार की दवा का प्रयोग न करने की भी अपील की गई।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया गया कि वे स्वयं अपनी आंखों की नियमित जांच कराएंगे और समाज में अधिक से अधिक लोगों को ग्लूकोमा के प्रति जागरूक करेंगे।
इस मौके पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दिनेश, महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. सूर्य प्रताप वर्मा, डॉ. प्रमोद रावत, डॉ. प्रियेश चौरसिया, डॉ. अक्षय कुमार, डॉ. हरिओम पटेल एवं अभिषेक मिश्रा सहित एनएसएस के स्वयंसेवक-सेविकाएं तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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