गोरखपुर। भारतीय रेल में सुरक्षित, संरक्षित और यात्रियों की मांग के अनुरूप ट्रेनों के सुचारु संचालन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास, विस्तार और सुदृढ़ीकरण का कार्य लगातार किया जा रहा है। महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे उदय बोरवणकर के मार्गदर्शन में पूर्वोत्तर रेलवे पर भी ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग प्रणाली का विस्तार तेज गति से किया जा रहा है।
इसी क्रम में वाराणसी मंडल के गोरखपुर कैंट–भटनी रेलखंड पर स्थित देवरिया सदर और नूनखार स्टेशनों के मध्य 13.67 किमी लंबाई की ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कार्य पूरा कर लिया गया है। खास बात यह रही कि यह कार्य ट्रेन संचालन को प्रभावित किए बिना सुचारु रूप से संपन्न किया गया।
इस उपलब्धि के साथ ही पूर्वोत्तर रेलवे पर अब तक कुल 152.24 रूट किलोमीटर में ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जो रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक गोविन्दनगर–बभनान (24.64 किमी), बभनान–स्वामी नारायण छपिया (12 किमी) तथा देवरिया सदर–नूनखार (13.67 किमी) सहित कुल 50.31 किमी में यह कार्य पूरा किया गया है।
देवरिया सदर और नूनखार के बीच यह प्रणाली लागू होने से रेल लाइन की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। साथ ही ट्रेनों के समय पालन में सुधार आएगा और रेल संचालन की सुरक्षा भी और मजबूत होगी।
प्रमुख मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर एम.एल. मकवाना के नेतृत्व में उनकी टीम ने इस कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उल्लेखनीय है कि पूर्वोत्तर रेलवे पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग प्रणाली की शुरुआत वित्तीय वर्ष 2024-25 की शुरुआत में जगतबेला–मगहर (14.65 किमी) खंड पर कमीशनिंग के साथ हुई थी। इसके बाद से इस प्रणाली के तहत ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम तरीके से किया जा रहा है।
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