वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। होली केवल किसी एक धर्म या वर्ग का नहीं, बल्कि समस्त मानव समाज का महापर्व है। यह विचार प्रधान आर्य समाज नई बाजार बस्ती के ओम प्रकाश आर्य ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारतीय पर्व वैज्ञानिक सोच के साथ बनाए गए हैं और इनका उद्देश्य सामाजिक समरसता, स्वास्थ्य एवं सद्भाव को बढ़ावा देना है।
होलिकोत्सव के अवसर पर स्वामी दयानंद विद्यालय, सुरतीहट्टा बस्ती में वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। योगाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय ने बताया कि होली का प्राचीन नाम ‘वासन्ती नवस्येष्टि’ है, अर्थात नए अन्न का यज्ञ। उन्होंने समझाया कि अनाज की ऊपरी परत को ‘होलिका’ और भीतर के अंश को ‘प्रह्लाद’ कहा जाता है। जब अन्न भुना जाता है तो उसकी बाहरी परत पहले जलती है और भीतरी अंश सुरक्षित रहता है, जो अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
प्रधानाध्यापक आदित्यनारायण गिरि ने कहा कि ऋतु परिवर्तन के समय रोगों से बचाव के लिए यज्ञ की परंपरा रही है। शिक्षक नितीश कुमार ने बच्चों को सुरक्षित और पर्यावरण हितैषी होली मनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम में बच्चों ने गीत, कविता और व्याख्यान प्रस्तुत किए तथा अंत में प्रसाद वितरण के साथ आयोजन संपन्न हुआ।

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