वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। विकास क्षेत्र बनकटी के महादेवा गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक पंडित धीरज कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण भक्तों और प्रेमियों के लिए अत्यंत सहज, सुलभ और सरल हैं।
उन्होंने कहा कि जिस परम सत्ता को बड़े-बड़े ऋषि, मुनि और देवता कठोर तप और यज्ञों से भी प्राप्त नहीं कर पाते, वही भगवान सच्चे और निश्छल प्रेम से तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं। उन्होंने माखन चोरी की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि यह केवल शरारत नहीं, बल्कि भक्तों के अहंकार को मिटाने और उनके हृदय को प्रेम से भरने की लीला है। भगवान गोप-ग्वालों के घरों से माखन चुराकर उन्हें अपने प्रेम का प्रसाद देते थे।
कथा में पूतना उद्धार प्रसंग का उल्लेख करते हुए पंडित धीरज कृष्ण शास्त्री ने कहा कि पूतना राक्षसी प्रभु को मारने आई थी, लेकिन भगवान ने उसके भीतर के ‘मां’ भाव को स्वीकार करते हुए उसे भी मातृत्व की गति प्रदान की। यह भगवान की असीम करुणा और कृपा का उदाहरण है।
उन्होंने गोवर्धन पूजा प्रसंग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा कराकर प्रकृति के महत्व को समझाया। पेड़-पौधे, पर्वत, जल और वायु का संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है।
इस अवसर पर मुख्य यजमान श्रीमती बेबी सिंह व ओम प्रकाश सिंह रहे। कार्यक्रम में त्रियुगी नारायण जायसवाल, राजेश पाल, सुनील कुमार शुक्ला, लाल साहब, संजय सिंह, रामेंद्र प्रताप सिंह, हिमांशु प्रताप सिंह, ओम प्रकाश, हृदय राम, राम किशोर मौर्य सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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