वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। उत्तर प्रदेश में वामपंथी दलों के राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया।
न्याय मार्ग स्थित कार्यालय पर आयोजित विरोध सभा में वक्ताओं ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले तथा वहां के सर्वोच्च नेता सहित कई महत्वपूर्ण लोगों की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की। नेताओं ने कहा कि यह घटना संयुक्त राज्य अमेरिका की साम्राज्यवादी नीति और अमेरिका-इजरायल की वैश्विक दादागिरी का परिणाम है। उन्होंने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नियमों का सरासर उल्लंघन बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की। साथ ही भारत सरकार की अस्पष्ट नीति और हमले की निंदा न करने पर भी कड़ी आलोचना की गई।
सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में युद्ध को तत्काल रोकने के लिए मजबूत और निर्णायक हस्तक्षेप किए जाने की मांग की गई। इसके साथ ही खाड़ी देशों सहित इजरायल में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और निकासी के पुख्ता इंतजाम करने, युद्ध की स्थिति में गैस और तेल की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने तथा वाणिज्यिक और घरेलू गैस की बढ़ी कीमतें वापस लेने सहित महंगाई पर नियंत्रण की मांग भी उठाई गई।
कार्यक्रम में माकपा के जिला सचिव शेषमणि, भाकपा के जिला सचिव अशर्फीलाल, भाकपा माले के संयोजक रामलौट, के.के. तिवारी, ध्रुव चंद, उर्मिला चौधरी, नरसिंह भारद्वाज, राम दयाल, सत्यराम, बिफई, राम अचल निषाद, शिव चरण निषाद, रणजीत श्रीवास्तव, राकेश कुमार उपाध्याय, चंद्रभान, रामजी, राम अंजोर, श्यामू, अनुपमा, रामानंद, राजकुमार, गौहर अली, कुसुम, सरोज, सुनीता, सुरेन्द्र, गुड़िया, राममूरत, राम शंकर, बलवंत, शिवम, सुभावती, प्रेमचंद, मिस्लवाती, सुशील, विजय शुक्ला, रविकास, किशन सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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