बस्ती। 1908 में न्यूयॉर्क में श्रमिक महिलाओं के काम के घंटे और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग से शुरू हुआ संघर्ष आज विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं की मेहनत और अधिकारों की आवाज बन गया।
जनपद के गणेशपुर टाउन के गड़वल में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के आयोजन में एडवा की जिला मंत्री सोनी ने महिला दिवस पर गोष्ठी शुरू की। पूर्व जिलाध्यक्ष नीलू ने कहा कि भारत में ज्योतिबा फुले, फातिमा शेख, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, कामरेड लक्ष्मी सहगल आदि के आंदोलनों और मेहनत से महिलाओं को कुछ उपलब्धियां हासिल हुई हैं।
एडवा का मानना है कि घटती आमदनी, युद्ध और एपीस्टीन फाइल जैसी घटनाओं का सीधा प्रभाव महिलाओं और बेटियों पर पड़ता है। ऐसे में इन मुश्किलों से निपटने का एकमात्र रास्ता संगठित आंदोलन ही है। एडवा नेता नीता ने संगठन के जनपद के संघर्ष की जानकारी देते हुए संगठन की सदस्यता और सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया।
गोष्ठी में नीलू, सोनी, पूजा, प्रीति, आशा देवी, कलावती, अवतारी, संजू, विमला देवी, संगिता, नीता, अनीता, शिला, पूनम विशाल, फूलमती सहित दर्जनों महिलाएं शामिल रही।

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