वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
लखनऊ। पीआईबी लखनऊ एवं पीआईबी जम्मू के समन्वय से जम्मू-कश्मीर से आए मीडिया प्रतिनिधियों के एक दल ने बुधवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव (एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन) एवं खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्री शिशिर (आईएएस) से मुलाकात कर प्रदेश में हो रहे नवाचारों और उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की।
बैठक में श्री शिशिर ने कहा कि उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाकर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड अपनी स्थापना से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में निरंतर कार्य कर रहा है। आधुनिक ब्रांडिंग और विपणन रणनीतियों के जरिए खादी को नई पहचान मिली है और यह अब केवल वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा ग्रामीण शिल्पियों और बुनकरों को सीधे बाजार से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है और खादी को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है।
श्री शिशिर ने प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशेष पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि इसी तर्ज पर अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन’ (ओडीओसी) कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे पारंपरिक शिल्प और स्थानीय व्यंजनों को नया मंच मिलेगा।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के तहत लाखों युवाओं को लाभान्वित किया गया है। वहीं ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक टूलकिट और प्रशिक्षण देकर उनकी उत्पादकता और आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर से आए मीडिया प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में खादी एवं ग्रामोद्योग तथा एमएसएमई क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और उपलब्धियों की सराहना की और इसे अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया।

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