गोरखपुर। शुक्रवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर का एक प्रतिनिधिमंडल पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत अस्पतालों द्वारा इलाज न किए जाने की समस्या को लेकर मंडलायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने मंडलायुक्त कार्यालय में उनका कार्य देख रहे अपर आयुक्त (प्रशासन) राजेश कुमार श्रीवास्तव के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
परिषद के अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके परिजनों को सही रूप से नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल प्रशासन सरकार के आदेशों की अनदेखी करते हुए कैशलेस इलाज करने से मना कर रहे हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कई अस्पताल मरीजों से नकद भुगतान कर इलाज कराने का दबाव बना रहे हैं और बाद में प्रतिपूर्ति लेने की बात कह रहे हैं, जो योजना की मूल भावना के विपरीत है।
परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी मदन मुरारी शुक्ल ने प्रशासन से मांग की कि कैशलेस इलाज व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू कराया जाए तथा अस्पतालों को समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए, जिससे मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ज्ञापन में परिषद ने यह भी मांग की कि एनपीएस से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति एवं कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाए, अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, कैशलेस चिकित्सा में ओपीडी, जांच सहित संपूर्ण इलाज को शामिल किया जाए तथा भर्ती अनुमोदन की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाया जाए। साथ ही गंभीर बीमारियों के लिए निर्धारित पांच लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर पूर्ण इलाज का खर्च सरकार द्वारा वहन किए जाने की मांग की गई।
अंत में परिषद ने मुख्यमंत्री से कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हित में उक्त मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया। इस अवसर पर गोविंद, अशोक पांडेय, अनूप कुमार, इंजीनियर सुनील सिंह श्रीनेत, अनिल द्विवेदी, राजेश मिश्रा, बंटी श्रीवास्तव सहित तमाम कर्मचारी उपस्थित रहे।

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