बस्ती। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बस्ती श्री शमसुल हक के कुशल मार्गदर्शन में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर सहित सभी ग्राम न्यायालयों, तहसीलों, राजस्व न्यायालयों एवं कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी/अपर जिला जज श्रीमती जेबा मजीद, जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों का सराहनीय सहयोग रहा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के कुल 68,014 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें 65,782 मामले प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंक ऋण व अन्य मामलों से संबंधित थे, जबकि 2,232 मामलों का निस्तारण न्यायालयों में सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 86 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों को 3 करोड़ 32 लाख 70 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई। वहीं आपराधिक मामलों के निस्तारण के फलस्वरूप 2,62,200 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए तथा अन्य मामलों में 1 करोड़ 2 लाख 53 हजार 630 रुपये की वसूली हुई। इस प्रकार लोक अदालत में कुल 12 करोड़ 2 लाख 50 हजार 605 रुपये की धनराशि का निपटारा हुआ।
इसके अतिरिक्त प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंक ऋण के 1,174 मामलों का निस्तारण कराते हुए बैंकों द्वारा 7 करोड़ 64 लाख 53 हजार 215 रुपये की धनराशि पर समझौता किया गया।
परिवार न्यायालय में 57 मामलों का निस्तारण हुआ। वर्षों से मुकदमा लड़ रहे कई दंपत्तियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह-समझौता कर साथ रहने का निर्णय लिया, जिससे अनेक टूटे परिवार फिर से एक हो गए।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री मो. रिजवानुल हक, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कु. आराधना रानी, अपर जिला जज प्रथम श्री शिव चंद, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) कमलेश कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राम करन यादव, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) श्री विनोद कुमार-VII, विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) श्री अनिल कुमार-XIV, अपर जिला जज/एफटीसी द्वितीय श्री विजय कुमार किटियार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आशीष कुमार राय, सिविल जज (सीडी) श्री संदीप सहित सभी न्यायिक अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
इस दौरान जिला कारागार बस्ती में निरुद्ध बंदियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प वस्तुओं तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एक जिला एक उत्पाद योजना के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इन उत्पादों को आमजन के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध कराया गया, जिसे न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य उपस्थित लोगों ने भी खरीदा।

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