वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। जिले के विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र में फर्जी नाम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ती की नौकरी करने का मामला सामने आया है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद संबंधित महिला के खिलाफ रिकवरी के आदेश जारी किए गए हैं और आगे की कार्रवाई के लिए विभाग ने विधिक सलाह लेने का निर्णय लिया है।
मामला विक्रमजोत ब्लॉक के पुरानी ग्राम पंचायत पिपरी संग्राम तथा नई ग्राम पंचायत पूरेचेतन के शम्भूपुर गांव का है। आरोप है कि मालती पत्नी भगवत प्रसाद दुबे उर्फ लड्डू दुबे ने खुद को उर्मिला देवी बताकर करीब 26 वर्षों तक बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के रूप में कार्य किया। बताया जाता है कि मालती के पास दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र नहीं था, इसलिए उसने उर्मिला देवी के नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, निवास और आय प्रमाण पत्र तक बनवा लिए। इतना ही नहीं, उसने जमीन का बैनामा भी उर्मिला नाम से कराया।
शिकायत के अनुसार मालती वर्ष 2000 से 2005 तक ग्राम प्रधान भी रही, जिससे उसे दोहरा लाभ मिलने की बात सामने आई। असली उर्मिला देवी के पति सुरेश दत्त तिवारी, ग्राम इच्छा तिवारी पुरवा, ग्राम पंचायत व पोस्ट सरियावा, विकासखंड मसौधा, जिला अयोध्या के निवासी बताए गए हैं।
इस मामले की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता पंकज दुबे ने वर्ष 2021 में जिला अधिकारियों से की थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई। जांच के दौरान मामला काफी समय तक उलझा रहा। बाद में मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर डीपीआरओ, बीडीओ, बीईओ और सीडीपीओ की संयुक्त टीम गठित कर जांच कराई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि भगवत प्रसाद की पत्नी का वास्तविक नाम मालती है, न कि उर्मिला।
जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद महिला ने जेल जाने के डर से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) बस्ती ने बताया कि फिलहाल दोहरे लाभ के मामले में रिकवरी के आदेश जारी किए गए हैं तथा आगे की कार्रवाई विधिक परामर्श के आधार पर करने के निर्देश सीडीपीओ विक्रमजोत को दिए गए हैं।

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