गोरखपुर। समस्या के निदान की आस में प्रार्थनापत्र लेकर खजनी तहसील के समाधान दिवस में पहुंचे ढेबरा बाजार के राजेंद्र को आश्वासन नहीं, फटकार मिली। राजेंद्र का आरोप है कि एसडीएम, कानूनगो और लेखपाल ने उन्हें डांटकर भगा दिया।
परिचित वकील से मिले जिलाधिकारी के मोबाइल नंबर पर फोन कर शिकायत की तो एसडीएम ने उन्हें दोबारा बुलवाकर प्रार्थनापत्र लिया और मामले की जांच के लिए लेखपाल व कानूनगो को निर्देशित किया।
- 17 वर्ष से बैनामा के बाद भूमि पर कब्जा पाने के लिए चक्कर लगा रहे राजेंद्र
राजेंद्र 17 वर्ष से बैनामा के बाद भूमि पर कब्जा पाने के लिए अफसरों के दफ्तरों का चक्कर लगा रहे हैं। वह अब तक 60 बार तहसील दिवस में गुहार लगा चुके हैं, तो वहीं दर्जनों बार डीएम और कमिश्नर के कार्यालय भी जा चुके हैं। राजेंद्र के अनुसार, वर्ष 2009 में उन्होंने ढेबरा-हाटा मार्ग पर तीन डिसमिल भूमि पत्नी गीता देवी के नाम बैनामा कराई थी, लेकिन 17 वर्षों से कब्जा नहीं मिल सका है।
- समाधान दिवस से भगाए जाने के बाद जिलाधिकारी के नंबर पर लगाया फोन
लेखपाल और कानूनगो बैनामे की भूमि को सड़क बताकर मामला टाल देते हैं। शनिवार को भी इसी मामले में न्याय पाने के लिए प्रार्थनापत्र लेकर समाधान दिवस में पहुंचे थे।
एसडीएम राजेश प्रताप सिंह ने कहा कि फरियादी प्रार्थनापत्र देने का आदी है। कानूनगो और लेखपाल द्वारा भूमि का चिह्नीकरण किया जा चुका है। फरियादी को भगाया नहीं गया, वह स्वयं चला गया था। बाद में उसकी पत्नी गीता देवी को कागजात के साथ बुलाकर मामले की जांच तहसीलदार को सौंप दी गई है।
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