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Tuesday, March 17, 2026

'अग्नि परीक्षा' के बाद कांग्रेस और भाजपा ने जीती 1-1 सीट; 5 वोट अमान्य, क्रॉस-वोटिंग से मचा हड़कंप


चंडीगढ़। हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए बेहद रोमांचक और विवादों से भरे चुनाव में अंततः भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। सोमवार रात से शुरू हुआ मतों की गोपनीयता और क्रॉस-वोटिंग का हाई-वोल्टेज ड्रामा मंगलवार सुबह नतीजों के साथ समाप्त हुआ। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात संवाददाता सम्मेलन में दोनों नेताओं को उनकी जीत पर बधाई दी। अधिकारियों ने बताया कि पांच वोट अमान्य घोषित किए गए जिनमें चार कांग्रेस के और एक भाजपा का है।
इन दो सीट के लिए तीन उम्मीदवार - भाजपा के भाटिया (58), कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध (61) और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (63) चुनाव मैदान में थे। भाजपा समर्थित नांदल ने 2019 में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री सैनी ने निर्दलीय उम्मीदवार द्वारा प्राप्त कुल वोट का हवाला देते हुए कहा कि नांदल कांग्रेस उम्मीदवार से मामूली अंतर से हार गए। सैनी ने दावा किया कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने ‘क्रॉस-वोटिंग’ की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के चार विधायकों के वोट अमान्य घोषित कर दिए गए।
कांग्रेस की हरियाणा इकाई के प्रभारी महासचिव बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले और ‘‘कांग्रेस के साथ विश्वासघात’’ करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्रॉस-वोटिंग करने वाले कांग्रेस विधायकों के बारे में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं उनके नाम नहीं लूंगा, लेकिन लोगों को समझ आ गया है और जनता उन्हें सबक सिखाएगी।’’ हुड्डा ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने हर तरह की चाल चली। लेकिन कांग्रेस ने ‘अग्नि परीक्षा’ (एक सीट जीतकर) पास की।
 - हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026
दो सीटों के लिए भाजपा के भाटिया (58), कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध (61) और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (63) मैदान में थे। भाजपा  समर्थित नांदल ने 2019 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी।
90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 48 विधायक, कांग्रेस के 37 विधायक, इंडियन नेशनल लोकदल के दो विधायक और तीन निर्दलीय विधायक हैं। हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटें खाली हो गई हैं, क्योंकि भाजपा सदस्य किरण चौधरी और राम चंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा होने वाला है। नांदल 2019 के विधानसभा चुनावों में रोहतक जिले की गढ़ी-सांपला-किलोई सीट से कांग्रेस नेता हुड्डा से हार गए थे। भाजपा में शामिल होने से पहले, वे इंडियन नेशनल लोकदल में भी थे। भाजपा उम्मीदवार भाटिया करनाल से पूर्व लोकसभा सांसद हैं। कांग्रेस के बौद्ध, जो हरियाणा सरकार के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, एक दलित कार्यकर्ता रहे हैं और उन्होंने विभिन्न मंचों पर इस समुदाय से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। 

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