बस्ती। बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बीएसए कार्यालय पर टेट (TET) अनिवार्यता के आदेश की प्रति जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सदन में सांसदों द्वारा उठाए गए टेट मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के जवाब को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
बड़ी संख्या में पहुंचे शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर नारेबाजी की और सरकार की टेट मुद्दे पर गंभीरता नहीं लेने पर नाराजगी जताई। जिलाध्यक्ष चन्द्रिका सिंह ने बताया कि लगातार संसद में 25 से अधिक सांसदों ने इस मुद्दे को उठाया था। सभी मानक और परीक्षाओं को पूर्ण कर नौकरी कर रहे शिक्षकों पर अचानक टेट परीक्षा पास करने का अव्यवहारिक आदेश जारी होने को केंद्रीय मंत्री का लिखित बयान दुर्भाग्यपूर्ण है।
जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने टेट मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया, तो 25 लाख शिक्षकों की रोज़ी-रोटी खतरे में पड़ सकती है। तहसील अध्यक्ष प्रताप नारायण चौधरी और राजकुमार तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व दिल्ली में धरने की रणनीति बना रहा है और लाखों शिक्षक दिल्ली कूच के लिए तैयार हैं।
महिला शिक्षिकाओं का पक्ष रखते हुए जिला संगठन मंत्री सविता पाण्डेय और रेहाना परवीन ने कहा कि 20-35 वर्षों से नौकरी कर रही शिक्षिकाओं पर अचानक परीक्षा पास करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनकी नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है। बड़ी संख्या में महिला शिक्षक भी विरोध प्रदर्शन में शामिल रही।
प्रदर्शन में अशोक यादव, रामभवन, मोहम्मद असलम, नीरज सिंह, बब्बन पाण्डेय, रवि सिंह, रामसागर वर्मा, अखिलेश पाण्डेय, प्रताप नारायण, उमाकांत शुक्ल, मंगला मौर्य, देवेंद्र यादव, संतोष पाण्डेय, अनीस अहमद, रामपियारे, वीरेंद्र शुक्ला, गणेश श्रीवास्तव, तफ्फजूल, विवेक सिंह, मनोज उपाध्याय, हरेंद्र यादव, रुकनुद्दीन, सुनील, वेद उपाध्याय, विजय यादव, प्रमोद सिंह, प्रभात वर्मा, बृजेश त्रिपाठी, मंगला मौर्य, संजय यादव, नवीन सिंह, संजय चौधरी, कमर खलील, हरदीप, नीतू सिंह, शत्रुजीत यादव, सुषमा, उर्मिला चौधरी और शेषमणि पटेल उपस्थित रहे।

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