वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। कर्ज और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे एक युवक द्वारा स्वयं के अपहरण की झूठी साजिश रचने का मामला सामने आया है। थाना रुधौली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई, तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे प्रकरण का अनावरण कर दिया है। पुलिस के अनुसार युवक ने परेशानी से बचने और समय लेने के उद्देश्य से यह झूठी कहानी गढ़ी थी।07 फरवरी 2026 को संजय चौधरी ने थाना रुधौली पर सूचना दी थी कि उनका 22 वर्षीय भाई सोनू चौधरी 06 फरवरी की रात कोहरा नहर पुलिया के पास से लापता हो गया है। परिजनों ने बताया कि सोनू ने अपनी मंगेतर अंशिका को फोन कर कहा था कि 5-6 लोग उसे घेरकर मारपीट कर रहे हैं और अपहरण कर ले जा रहे हैं। इस सूचना पर थाना रुधौली में मुकदमा पंजीकृत कर पुलिस द्वारा खोजबीन शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक रुधौली के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों से सामने आया कि सोनू ने स्वयं ऑटो चालक गुलाम हुसैन अंसारी को फोन कर बुलाया था, जिसने उसे घटनास्थल से करीब 25 किलोमीटर दूर बस्ती के बड़े वन चौराहे पर छोड़ा। सीसीटीवी फुटेज में घटना के लगभग 55 मिनट बाद सोनू को बस्ती शहर में सुरक्षित पैदल चलते हुए देखा गया। इसके अलावा परिवहन साक्ष्यों में बस संख्या यूपी 78 केएन 0179 के चालक और परिचालक ने पुष्टि की कि सोनू लखनऊ जाने वाली बस में सवार हुआ था।
इसी दौरान सोनू चौधरी स्वयं थाने पहुंचा और अपना बयान दर्ज कराया। उसने स्वीकार किया कि उसने कुछ लोगों से पैसा उधार लिया था और लगातार तगादे से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था। पारिवारिक समस्याओं और कर्ज के दबाव में आकर उसने अपनी मंगेतर को अपहरण की झूठी सूचना दी और जानबूझकर अपनी कार व मोबाइल घटनास्थल पर छोड़कर ऑटो से बस्ती चला गया। इसके बाद वह अयोध्या पहुंचा, जहां दो दिन तक रामलला के दर्शन किए और धर्मशाला में ठहरकर मानसिक शांति पाने का प्रयास किया।
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया कि अपहरण की कोई घटना नहीं हुई थी। युवक ने केवल अपनी परेशानियों से बचने के लिए यह नाटक रचा था। थाना रुधौली पुलिस द्वारा मामले में अग्रिम आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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