वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी वर्ष 2026 के उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता संवर्धन संबंधी विनियम के विरोध में राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज मैदान से शास्त्री चौक तक एक विशाल एवं शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला गया। इस मार्च का उद्देश्य उक्त विनियम से जुड़ी संवैधानिक आपत्तियों को लोकतांत्रिक एवं विधिसम्मत तरीके से महामहिम राष्ट्रपति महोदया तक पहुँचाना था।
पैदल मार्च के उपरांत जिलाधिकारी बस्ती के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि यह विनियम समानता के नाम पर संविधान में निहित समान अवसर, निष्पक्षता एवं सामाजिक समरसता की भावना के विपरीत प्रतीत होता है, जिससे शैक्षणिक संस्थानों में सामाजिक विभाजन और वैचारिक टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
मार्च में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, शिक्षक, अधिवक्ता तथा विभिन्न वर्गों के नागरिक शामिल हुए। प्रतिभागियों ने हाथों में संविधान, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव से जुड़े संदेशों की तख्तियाँ लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन एवं शांति बनाए रखी गई तथा प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया गया।
राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा के अध्यक्ष रामजी पाण्डेय ने कहा कि यह आंदोलन किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए है। संयोजक अभयदेव शुक्ल ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को सामाजिक संघर्ष का केंद्र नहीं बनने दिया जाना चाहिए। राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष राम प्रताप सिंह ने निष्पक्ष और तटस्थ व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।
संगठन ने कार्यक्रम को अहिंसक एवं लोकतांत्रिक बताते हुए जिला प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया तथा विश्वास जताया कि राष्ट्रपति महोदया इस विषय पर संवेदनशील एवं न्यायसंगत निर्णय लेंगी।

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