बस्ती। महान समाज सुधारक संत गाडगे महाराज की जयंती के अवसर पर सोमवार को संत गाडगे रजक सुधार समिति के तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा एवं माल्यार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कटरा स्थित पानी की टंकी के निकट स्थापित संत गाडगे की प्रतिमा पर समिति पदाधिकारियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संयोजन समिति के महामंत्री राजू कन्नौजिया ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संत गाडगे महाराज ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज में व्याप्त कुरीतियों, छुआछूत और सामाजिक विषमताओं के विरुद्ध संघर्ष में समर्पित कर दिया। वे स्वच्छता, सादगी और सेवा के प्रतीक थे। जब भी वे किसी गांव में जाते थे, सबसे पहले वहां की सफाई कर लोगों को स्वच्छता का संदेश देते थे।
समिति की ओर से नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अंकुर वर्मा को चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। मांगों में प्रतिमा स्थल को ‘संत गाडगे चौराहा’ घोषित करने, हाई मास्क लाइट लगाने, शहर के किसी एक पार्क का नाम ‘संत गाडगे पार्क’ रखने, मड़वानगर मार्ग पर स्मृति द्वार स्थापित करने तथा धोबी घाट पर बने रैन बसेरा की मरम्मत कराने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
अंकुर वर्मा ने मांग पत्र स्वीकार करते हुए कहा कि संत गाडगे महाराज का जीवन मानवता और सेवा का संदेश देता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
वक्ताओं ने बताया कि संत गाडगे महाराज का जन्म 23 फरवरी 1876 को अंजनगांव, जिला अमरावती, महाराष्ट्र में एक साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने शिक्षा और जनजागरण के माध्यम से समाज को नई दिशा दी तथा प्राप्त दानराशि से स्कूल, धर्मशाला, अस्पताल और गौशालाओं का निर्माण कराया।
कार्यक्रम में डा. राकेश कुमार कन्नौजिया, दुर्गेश कन्नौजिया, प्रमोद कन्नौजिया, संजय कुमार, जगदीश शर्मा, राजेन्द्र, डब्लू श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र कुमार, रमेश चन्द्र, अजय कुमार, दुर्गेश कुमार, नरेन्द्र कुमार, कन्हैयालाल, प्रदीप कुमार, अमित कुमार, प्रवीन, सत्य प्रकाश, अर्जुन चौधरी, शिवसागर, राम सुमिरन, राहुल, जितेन्द्र, राधेश्याम, अरुण कुमार, रामचन्दर, दिनेश कुमार, श्याम सुन्दर, अशोक, संदीप, ओम प्रकाश, उमेश, पाण्डव, दिनेश चन्द्र, राम विलास, अंगद सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

No comments:
Post a Comment