वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल का असर अब गोरखपुर की ग्राम पंचायतों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। लोकसभा में गोरखपुर से सांसद रवि किशन शुक्ला द्वारा पंचायती राज संस्थाओं में डिजिटल गवर्नेंस को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने बड़ा खुलासा किया है।
केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने सदन को बताया कि गोरखपुर जिले की सभी ग्राम पंचायतें ई-ग्रामस्वराज पोर्टल से पूरी तरह जुड़ चुकी हैं। ई-ग्रामस्वराज-पीएफएमएस इंटरफेस के माध्यम से पंचायतों में वित्तीय लेन-देन ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है।
मंत्री ने बताया कि यह उपलब्धि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत चलाए गए व्यापक डिजिटल प्रशिक्षण का परिणाम है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान उत्तर प्रदेश में 2.61 लाख से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को डिजिटल गवर्नेंस, जीआईएस आधारित योजना निर्माण, एमआईएस प्रणाली और ई-ग्रामस्वराज पोर्टल का प्रशिक्षण दिया गया।
सरकारी मूल्यांकन में सामने आया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से योजनाओं की स्वीकृति में समय की बचत हुई है, वित्तीय अनुशासन मजबूत हुआ है और ग्रामीण जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया है।
सांसद रवि किशन शुक्ला ने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि डिजिटल गवर्नेंस से ग्राम शासन अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बना है। विशेषज्ञों का मानना है कि गोरखपुर की डिजिटल पंचायत व्यवस्था देश के अन्य जिलों के लिए एक मॉडल बन सकती है।

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