बस्ती। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आरटीआई विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्वांचल प्रभारी महेन्द्र श्रीवास्तव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान और उत्पीड़न की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सनातन परंपरा की रक्षा की बात करती है, किंतु अब यह स्पष्ट हो गया है कि सत्य बोलने वाले साधु-संत और शंकराचार्य तक उन्हें पसंद नहीं हैं।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि जो साधु-संत भाजपा के अन्याय और अत्याचार का विरोध करते हैं, उन्हें षड्यंत्रपूर्वक फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुम्भ के दौरान पुलिस द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एवं उनके शिष्यों को स्नान से रोका गया तथा बटुकों के साथ मारपीट की गई।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अब एक कथित षड्यंत्र के तहत शंकराचार्य और स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी समेत अन्य लोगों के खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कर उनकी प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने इन परिस्थितियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
महेन्द्र श्रीवास्तव ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की छवि धूमिल करने का षड्यंत्र तत्काल बंद होना चाहिए।

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