वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
नई दिल्ली। संसद में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि विदेशों में कार्यरत और निवास कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रवासी भारतीयों की सहायता के लिए मजबूत और बहुस्तरीय व्यवस्था विकसित की है।
मंत्री ने कहा कि अवैध प्रवासन, वीजा धोखाधड़ी, फर्जी नौकरी प्रस्ताव और अनधिकृत एजेंटों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों को संबंधित राज्य पुलिस को जांच और अभियोजन के लिए भेजा जाता है। भारतीय न्याय संहिता और अन्य लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। मानव तस्करी, जबरन श्रम और फर्जी रोजगार घोटालों को रोकने के लिए नियमित परामर्श जारी किए जाते हैं और नागरिकों को केवल अधिकृत एजेंटों के माध्यम से ही विदेश में रोजगार स्वीकार करने की सलाह दी जाती है।
ई-माइग्रेट पोर्टल पर जनवरी 2026 तक 3,505 अपंजीकृत एजेंटों की सूची सार्वजनिक की जा चुकी है, ताकि लोग सतर्क रह सकें। देशभर में 16 प्रवासी संरक्षक कार्यालयों के माध्यम से सुरक्षित और वैध प्रवासन पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रवासी भारतीय बीमा योजना, प्रस्थान पूर्व प्रशिक्षण और शिकायत निवारण पोर्टल की जानकारी भी दी जाती है।
दूतावासों में 24 घंटे बहुभाषी हेल्पलाइन, व्हाट्सऐप, ईमेल और सीधे संपर्क की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त मदद, केंद्रीय लोक शिकायत निवारण प्रणाली और ई-माइग्रेट पोर्टल भी संचालित हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और अधिक सशक्त की गई है।

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