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Saturday, February 28, 2026

बाजारों में मोदी-योगी व धनुष बाण छाप पिचकारी की धूम...!


लखनऊ। होली की उलटी गिनती शुरू होते ही शहर की सड़कों पर त्योहार का रंग चढ़ने लगा है। शाम होते-होते बाजारों में भीड़, दुकानों पर चमकती रंग-बिरंगी पिचकारियां और अबीर-गुलाल की खुशबू माहौल को मेले जैसा बना रही है। 
खरीदारी के इस उत्साह में बच्चों से लेकर युवाओं तक हर उम्र के लोग त्योहार की तैयारी में जुटे नजर आ रहे हैं। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से करीब 1 साल पहले होली से माहौल बन रहा है। लखनऊ की दुकानों में पिचकारियां आ गई हैं। इनमें मोदी-योगी छाप और धनुष-बाण छाप पिचकारी की धूम है। गुलाल वाले पटाखे भी आ गए हैं। बच्चों को ये सभी पिचकारियां भा रही हैं। 
होली की पिचकारी पर पीएम मोदी की तस्वीर के साथ उसमें पीएम नरेंद्र मोदी, ब्रह्मोस, कुल्हाड़ी, हथौड़ा और म्यूजिकल ट्रेंड में हैं। इसके अलावा ऐसी सफेद टीशर्ट आई है जो पानी पड़ते ही रंगीन हो जाएगी।यह बातें कारोबारियों और ग्राहकों के रुझानों से साफ झलक रही हैं। अमीनाबाद, यहियागंज, इंदिरानगर, मुंशी पुलिया, राजाजीपुरम, चौक, बंगला बाजार, आशियाना, उदयगंज, सदर बाजार, चिनहट, पत्रकारपुरम, गोमतीनगर, अलीगंज, निशातगंज आदि बाजारों में दुकानों के बाहर सजी रंगों की थालियां और पिचकारियों की कतारें लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं। 
परिवार के साथ आए लोग बच्चों की पसंद को ध्यान में रखकर खरीदारी कर रहे हैं, जबकि युवा वर्ग नए डिजाइन और दमदार पानी की धार वाली पिचकारियों की तलाश में जुटा है। इस बार पारंपरिक पिचकारियों के साथ हथौड़ा, कुल्हाड़ी, तलवार और त्रिशूल जैसी आकृतियों में बनी पिचकारियां खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। सिनेमा से प्रेरित डिजाइन और हाईटेक नाम वाली पिचकारियों की मांग भी तेजी से बढ़ी है।
सौ से दो सौ रुपये तक की रेंज में छोटी पिचकारियां उपलब्ध हैं, जबकि बड़ी और हैवी पिचकारियां ढाई सौ रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक में बिक रही हैं। व्यापारियों के अनुसार इस सीजन में स्वदेशी उत्पादों की मांग अधिक देखने को मिल रही है। हर वर्ग की जरूरत और जेब को ध्यान में रखकर बाजार में सामान उतारा गया है। होली से पहले बाजारों में छाई यह चहल-पहल त्योहार के उल्लास, बदलते ट्रेंड और उपभोक्ताओं की पसंद की तस्वीर पेश कर रही है।।

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