वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
लखनऊ। भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देशानुसार पूरे देश में 09 से 13 फरवरी 2026 तक वित्तीय साक्षरता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम “केवाईसी – सुरक्षित बैंकिंग की ओर आपका पहला कदम” निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित एवं भरोसेमंद बैंकिंग प्रणाली में केवाईसी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना है। प्रदेश में वित्तीय साक्षरता सप्ताह–2026 का शुभारंभ 09 फरवरी 2026 को भारतीय रिज़र्व बैंक, लखनऊ द्वारा किया गया।
महाप्रबंधक एवं संयोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि एफएलडब्ल्यू–2026 के अंतर्गत प्रदेश में कार्यरत सभी सदस्य बैंकों द्वारा शाखा स्तर पर वित्तीय साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जनपद में अग्रणी जिला प्रबंधकों के समन्वय से ग्रामीण स्व-रोज़गार प्रशिक्षण संस्थानों तथा वित्तीय साक्षरता केंद्रों के माध्यम से भी जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
इन शिविरों में आमजन को केवाईसी अनुपालन की आवश्यकता, इसकी सरल प्रक्रिया, सेंट्रल केवाईसी के लाभ तथा केवाईसी से जुड़े फर्जी कॉल, संदेश और संदिग्ध लिंक से सतर्क रहने की जानकारी दी जा रही है। साथ ही मनी म्यूल जैसे साइबर अपराधों के जोखिमों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 13 जनवरी 2026 को जारी परिपत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025–26 में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों पर देय ब्याज अनुदान/प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। सभी केसीसी खाताधारकों को 31 मार्च 2026 से पूर्व अपने खातों में ई-केवाईसी पूर्ण कराना आवश्यक होगा, ताकि उन्हें केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली ब्याज अनुदान राशि का लाभ बिना किसी व्यवधान के मिल सके और अतिरिक्त ब्याज भार से बचा जा सके।
इस संबंध में बैंक शाखाओं द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविरों एवं अन्य माध्यमों से केसीसी खाताधारकों को समय से ई-केवाईसी पूर्ण कराने के लिए लगातार जागरूक और सूचित किया जा रहा है।

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