बस्ती। 42 वर्षों तक कांग्रेस से जुड़े रहे पूर्व विधायक रामजियावन ने पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। 1985 में महादेवा सुरक्षित सीट से विधायक चुने गए रामजियावन का कहना है कि उन्हें दोबारा टिकट नहीं दिया गया, जबकि कई बार जीतकर प्रतिनिधित्व करने का अवसर उन्हें मिल सकता था।
रामजियावन ने आरोप लगाया कि पार्टी में कान के कच्चे नेताओं ने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को बार-बार हाशिए पर किया और संगठन की हवा निकाल दी। उन्होंने कहा कि जब तक जमीन से जुड़े नेताओं की कद्र नहीं होगी, पार्टी पुरानी स्थिति में लौटने में असफल रहेगी।
महाशिवरात्रि के दिन पूर्व विधायक ने नसीमुद्दीन सिद्धीकी के नेतृत्व में सपा ज्वाइन किया, और बताया कि इस कदम के साथ हजारों लोग भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं। कई अन्य कांग्रेस नेताओं के पार्टी छोड़ने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

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