लखनऊ। सरस्वती बालिका विद्या मंदिर जानकीपुरम में आयोजित दो दिवसीय अनुश्रुति किशोरी विकास वर्ग उत्साह, अनुशासन और संस्कारों की सशक्त अभिव्यक्ति के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता का विकास करना रहा। विद्यालय परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणादायी वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। प्रधानाचार्या श्रीमती सुधा तिवारी जी ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय बालिका शिक्षा संयोजिका श्रीमती निधि द्विवेदी जी, मुख्य अतिथि श्रीमती अंजू प्रजापति (महिला आयोग सदस्य), डॉ. निशा मणि (प्रोफेसर, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी), प्रोफेसर पुनिता माणिक जी, प्रोफेसर रमेश्वरी सिंघल जी तथा प्रोफेसर हेमलता जी (एनेस्थीसिया विभाग) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अपने उद्बोधनों में अतिथियों ने कहा कि आज की किशोरी कल की सशक्त नागरिक है। यदि उसे उचित मार्गदर्शन, संस्कार और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण मिले, तो वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
विद्यालय की छात्राओं ने जन्मोत्सव से लेकर विवाह संस्कार तक भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं पर आधारित आकर्षक झांकियाँ प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक मूल्यों, संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों का प्रभावी संदेश दिया गया।
वर्ग के अंतर्गत किशोरियों को —
✨ नैतिक एवं चारित्रिक शिक्षा
✨ व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास
✨ स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी जागरूकता
✨ आत्मरक्षा प्रशिक्षण
✨ सांस्कृतिक एवं सामाजिक मूल्यों का ज्ञान
जैसे विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम ने छात्राओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ किया। समापन अवसर पर सभी ने यह संकल्प लिया कि वे अपने ज्ञान, संस्कार और सामर्थ्य से समाज को सशक्त बनाने में योगदान देंगी।
यह आयोजन न केवल एक प्रशिक्षण वर्ग रहा, बल्कि किशोरियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हुआ।

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