वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ आश्रम बढ़नी मिश्र में सोमवार को आयोजित गुरु वशिष्ठ रामायण कथा के छठे दिन जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जनेऊ संस्कार का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि बढ़नी मिश्र की माताओं और बहुओं का स्नेह उन्हें अभिभूत कर देता है और यहां आकर वे स्वयं को धन्य महसूस करते हैं।
उन्होंने घोषणा की कि आश्रम के लिए आरक्षित 52 बीघा भूमि का सीमांकन कराकर दिव्यांगजनों के लिए एक इंटरमीडिएट कॉलेज खोला जाएगा। इस पहल से क्षेत्र के दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है।
रामभद्राचार्य ने कहा कि जगत की अनेक सभ्यताओं की जड़ें पूर्वांचल से निकली हैं और भगवान श्रीराम ने भी अवतार लेने के लिए इसी पावन धरती का चयन किया। उन्होंने माता की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जिसे माता का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है, उसे संसार के सभी पुण्य मिल जाते हैं।
कथा के दौरान उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि निर्माण से जुड़े संघर्ष, बलिदान और अदालती प्रक्रिया में अपने साक्ष्य का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने हिंदू बेटियों को सजग रहने का संदेश भी दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दूरदर्शन लखनऊ की लोक गायिका राशि श्रीवास्तव, रश्मि चौधरी और डॉ. रंजना अग्रहरि सहित अन्य कलाकारों ने भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्य यजमानों द्वारा पूजन-अर्चन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों व बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। संचालन मयंक श्रीवास्तव ने किया।

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