सोमनाथ। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, भगवान सोमनाथ के मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व ऐतिहासिक होने जा रहा है। गिर सोमनाथ जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं के मंदिर पहुँचने की संभावना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले महीने आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल देखा गया है। विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि उत्सव के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। गिर सोमनाथ के जिलाधिकारी एन. वी. उपाध्याय ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि इस वर्ष अपेक्षित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन और स्थानीय अधिकारी सुरक्षा और सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम कर रहे हैं।
जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले दर्ज हमले के 1,000 साल पूरे होने पर आठ से 11 जनवरी तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया गया। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हिस्सा लिया था। उपाध्याय ने कहा, ‘‘ सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।
सामान्य दिनों में लगभग 20,000 श्रद्धालु मंदिर आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन लगभग 75,000 हो गई है। आगामी महाशिवरात्रि पर्व के मुख्य दिन 15 फरवरी को इस तीर्थ स्थल पर लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
- महाशिवरात्रि का महत्व
15 फरवरी को होने वाले इस उत्सव के दौरान मंदिर 24 घंटे खुला रह सकता है (आधिकारिक पुष्टि के अधीन), जिसमें विशेष ‘चार प्रहर की पूजा’ और महाआरती का आयोजन किया जाएगा। समुद्र तट पर स्थित होने के कारण सोमनाथ मंदिर का प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आभा इस दिन देखते ही बनती है।
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