वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि लंबी दूरी की यात्रा के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस का स्लीपर संस्करण पूर्णतः स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है। बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान के प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि इस श्रेणी की दो ट्रेनें निर्मित हो चुकी हैं और व्यापक परीक्षणों के बाद हावड़ा–कामाख्या मार्ग पर संचालित की जा रही हैं। सरकार ने कुल 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेटों के निर्माण की योजना बनाई है।
रेल मंत्री ने बताया कि इन ट्रेनों में 180/160 किमी प्रति घंटा की डिजाइन/परिचालन गति, ‘कवच’ प्रणाली, एंटी-क्लाइंबर युक्त सेमी परमानेंट कपलर, ईएन मानकों के अनुरूप दुर्घटना-रोधी कारबॉडी, अग्नि अवरोधक दरवाजे, एरोसोल आधारित अग्नि शमन प्रणाली तथा रिजेनरेटिव ब्रेकिंग जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं। एयर कंडीशनिंग प्रणाली में यूवी-सी लैंप आधारित विसंक्रमण तकनीक लगाई गई है, जो 99 प्रतिशत तक हानिकारक बैक्टीरिया को निष्क्रिय करने में सक्षम है। इसके अतिरिक्त स्वचालित प्लग दरवाजे, सीसीटीवी, आपातकालीन टॉक-बैक इकाई, दिव्यांगजन हेतु विशेष शौचालय और केंद्रीकृत कोच मॉनिटरिंग प्रणाली जैसी यात्री सुविधाएं भी दी गई हैं।
रेल मंत्री ने बताया कि बागपत रोड स्टेशन वर्तमान में 28 रेलगाड़ियों से जुड़ा है, जिससे दिल्ली, हरिद्वार, सहारनपुर सहित कई प्रमुख शहरों से सीधा संपर्क है। नई रेल सेवाओं का संचालन खंड की क्षमता, पथ उपलब्धता और अवसंरचना पर निर्भर करता है।
हाई स्पीड रेल परियोजनाओं पर उन्होंने कहा कि 508 किमी लंबी मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना जापान के सहयोग से प्रगति पर है। साथ ही दिल्ली–वाराणसी सहित सात नए हाई स्पीड रेल गलियारों के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी पूंजी-गहन परियोजनाओं पर निर्णय तकनीकी, आर्थिक और वित्तीय व्यवहार्यता के व्यापक आकलन के बाद ही लिया जाता है।

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