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Sunday, February 15, 2026

एनएसडी के 25वें भारत रंग महोत्सव का प्रयागराज अध्याय संपन्न

वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता


प्रयागराज। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) और संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय नाट्य समारोह ‘भारत रंग महोत्सव 2026’ का प्रयागराज अध्याय 15 फरवरी को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। पांच दिवसीय यह आयोजन 11 से 15 फरवरी तक उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें भारतीय और अंतरराष्ट्रीय रंगमंच की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उद्घाटन समारोह में एनसीजेडसीसी के निदेशक सुदेश शर्मा, उपनिदेशक (कार्यक्रम) डॉ. मुकेश उपाध्याय तथा बीआरएम प्रयागराज अध्याय के तकनीकी समन्वयक प्रशासन एस. मालतियार उपस्थित रहे। इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘संवाद संस्कृतियों का’ रही, जो विभिन्न भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के बीच रचनात्मक संवाद को अभिव्यक्त करती है।

महोत्सव का शुभारंभ हिंदी नाटक ‘दीक्षा’ से हुआ, जिसे प्रख्यात साहित्यकार नरेंद्र कोहली ने लिखा था तथा दिवंगत रंगकर्मी आलोक चटर्जी ने निर्देशित किया था। दर्पण, गोरखपुर की प्रस्तुति के माध्यम से आलोक चटर्जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि संगम नगरी प्रयागराज सदैव कलाकारों के लिए प्रेरणा का केंद्र रही है। भारत रंग महोत्सव का उद्देश्य संस्कृतियों का ऐसा संगम बनाना है, जहाँ रंगमंच भाषा और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ता है। उन्होंने प्रयागराज के दर्शकों के उत्साहपूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

पांच दिवसीय महोत्सव में ‘विंसेंटेर मृत्यु’ (बांग्ला), ‘कथा’ (हिंदी), ‘फेसेस ऑफ ओलोंखो’ (रूसी) तथा समापन प्रस्तुति ‘जोगिया राग’ (हिंदी) जैसे विविध नाटकों का मंचन किया गया। इन प्रस्तुतियों ने भारतीय और वैश्विक रंग परंपराओं की समृद्धि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

भारत रंग महोत्सव 2026 का यह 25वां संस्करण 27 जनवरी से 20 फरवरी तक देश के विभिन्न शहरों में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान 228 भारतीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में कुल 277 प्रस्तुतियाँ मंचित की जा रही हैं। इसमें 9 देशों की नाट्य टीमें तथा भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कलाकार सहभागिता कर रहे हैं।

महोत्सव न केवल भारतीय नाट्य परंपरा का उत्सव है, बल्कि बच्चों, जनजातीय कलाकारों और वंचित समुदायों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से सांस्कृतिक समावेशन और लोकतंत्रीकरण की भावना को भी सशक्त करता है। इस वर्ष एनएसडी ने ‘रंग आकाश’ नामक इंटरनेट रेडियो मंच तथा ‘नाट्यम’ नामक ओटीटी मंच की भी शुरुआत की है, जिनके माध्यम से उल्लेखनीय नाट्य प्रस्तुतियाँ देशभर के दर्शकों तक पहुंचाई जाएंगी।

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