गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी VB–G RAMG अधिनियम 2025 ग्रामीण रोजगार को नई दिशा देगा। यह योजना राहत आधारित मॉडल से आगे बढ़कर स्थायी परिसंपत्ति निर्माण, कौशल विकास और स्थानीय उद्यमिता पर केंद्रित है।
यह बातें उन्होंने बुधवार को तारामंडल स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में कहीं। इस दौरान महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, जिला अध्यक्ष जनार्दन तिवारी, विधायक विपिन सिंह और महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पुराने MGNREGA मॉडल में भ्रष्टाचार, कमजोर निगरानी और अल्पकालिक परिसंपत्तियों जैसी कमियां थीं। इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए VB–G RAMG अधिनियम लाया गया है, जो विकसित भारत @2047 के संकल्प से जुड़ा है।
उन्होंने बताया कि नई योजना के तहत हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जबकि वन क्षेत्रों में काम करने वाले अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों को 25 दिन अतिरिक्त रोजगार दिया जाएगा। मजदूरी का भुगतान अब साप्ताहिक होगा और GPS, मोबाइल मॉनिटरिंग व AI आधारित निगरानी से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
योजना में जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका से जुड़े कार्य और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन तक कार्य रोकने का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को मजदूरों की कमी न हो।
सुरेश खन्ना ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को केवल मजदूरी तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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