लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। इस क्रम में जालौन में तैनात नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा को बरेली का नगर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।दरअसल, बरेली में यह पद लंबे समय से खाली चल रहा था। यह पद उस समय रिक्त हुआ था जब बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को 26 जनवरी को सरकार ने निलंबित कर दिया था।
- क्यों निलंबित हुए थे अलंकार अग्निहोत्री
सूत्रों के अनुसार, अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियम और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार की आलोचना की थी। इसके बाद उन्होंने सरकारी सेवा से इस्तीफा भी दे दिया था।सरकार ने उनके इस आचरण को सरकारी सेवक नियमावली का उल्लंघन माना और कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था। इसी के बाद से बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट/नगर मजिस्ट्रेट का पद खाली था, जिसे अब राजेश कुमार वर्मा की तैनाती के जरिए भर दिया गया है।
- जालौन में किसे मिली जिम्मेदारी
सरकार ने जालौन में नगर मजिस्ट्रेट का पद भी खाली नहीं रहने दिया। इसके लिए प्रयागराज के एसडीएम सुनील कुमार को जालौन का नगर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।
- अन्य अफसरों के तबादले
उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के अनुसार कुछ अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैंकृकमलेश चंद्र को अपर आयुक्त, देवीपाटन मंडल के पद से हटाकर उप सचिव, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग , प्रयागराज बनाया गया है।राजेश कुमार यादव जो मथुरा में प्रथम एडीएम (नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति) के पद पर तैनात थे, उन्हें अपर आयुक्त, देवीपाटन मंडल नियुक्त किया गया है।नंद प्रकाश मौर्या जो महराजगंज में एसडीएम के पद पर कार्यरत थे, उन्हें एडीएम (नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति), मथुरा बनाया गया है।
- क्यों अहम माना जा रहा है यह फेरबदल?
सरकार द्वारा किया गया यह फेरबदल प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रखने, रिक्त पदों को भरने और विभागीय कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने के उद्देश्य से किया गया है। खासतौर पर बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट का पद खाली होने के कारण कई प्रशासनिक काम प्रभावित हो रहे थे, जिन्हें अब नई तैनाती से गति मिलने की उम्मीद है।
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