बस्ती। सेवानिवृत्त उप निदेशक सूचना डॉ. दशरथ प्रसाद यादव द्वारा रचित ग़ज़ल-संग्रह ‘गुफ़्तगू-ए-ज़माना : ग़ज़लें और अन्य रचनाएँ’ का प्रकाशन बुक्स क्लीनिक पब्लिशिंग, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से हुआ है। 380 रुपये मूल्य की यह पुस्तक साहित्यप्रेमियों और पाठकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
पुस्तक में शामिल
“सुनहरे दिन आएँगे ऐसा मत विश्वास कर,
होके कर्तव्यनिष्ठ खुशी की तलाश कर”
जैसी प्रेरक ग़ज़लों के माध्यम से डॉ. यादव ने युगीन यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली स्वर दिया है। रचनाओं में जीवन की संगतियों, विसंगतियों, आशंकाओं तथा अनंत संभावनाओं का गहन चित्रण देखने को मिलता है।
पुस्तक के प्रकाशन पर साहित्य जगत में हर्ष व्यक्त किया गया है। इस अवसर पर जगदीश लाल श्रीवास्तव, डॉ. एस.पी. मणि त्रिपाठी, डॉ. राम प्रताप यादव, राकेश श्रीवास्तव, दयानंद पांडेय, राजेन्द्रनाथ तिवारी, हरीश पाल, प्रदीप चंद्र पांडेय, संदीप गोयल, विनोद कुमार उपाध्याय, तिरूपति हरि लाल, अब्दुल वहीद, गौरीशंकर, नंदलाल, शिवशंकर लाल श्रीवास्तव, डॉ. अजीत प्रताप, जगन्नाथ, अवनीश, लक्ष्मण यादव, लल्लन यादव, के.के. तिवारी, पवन कुमार श्रीवास्तव, रजनीश वैद्यनाथ, सर्वेश कुमार यादव, मनोज कुमार यादव सहित अनेक साहित्यकारों व बुद्धिजीवियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह कृति निश्चित रूप से पाठकों में नई ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टि का संचार करेगी।

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